Saturday, July 31, 2010

जिंदगी बहुत बडी है

प्यार जिंदगी को खूबसूरत बनाता है, उसमें नए रंग भरता है। पर फिर क्यों कभी-कभी यह अफसाना ऎसा दर्दनाक मोड लेता है कि प्यार करने वाले अपनी जिंदगी को ही दांव पर लगा देते हैं। प्यार परवान नहीं चढता, तो क्यों आत्महत्या की राह चुनते हैं। कोई उस चेहरे पर तेजाब फेंकता है, जिसे कभी चांद कहा था या फिर सबसे अलग-थलग हो खुद को सजा देने लगता है। दिल टूट जाए तो क्या हौसलों को भी बिखर जाने दिया जाए या फिर कोशिश की जाए, उस टूटे हुए रिश्ते के भंवर से निकलने की और उम्मीद का दामन थामने की। हां, बिल्कुल कई बेहतरीन दिवस आगे आपका इंतजार कर रहे हैं।
जिंदगी बहुत बडी है। आप कैसे कह सकते हैं, जिन्दगी में कुछ नहीं बचा। मेरी जिंदगी अब खराब है। जिंदगी अपने आप में ही इतनी बडी है कि इसके आगे कोई विशेषण लगाना गलत है। जिंदगी चलने का नाम है। प्यार में नाकामी मिली, तो परेशान होने से क्या हासिल होगा खुद को बेवजह परेशान करके आप खुद की और अपने परिवार की जिंदगी को तबाह क्यों कर रहे हैं। वक्त की पोटली में आपके लिए कई तोहफे रखे हैं। किसी न किसी मंजिल पर आपको पहले से ज्यादा प्यार करने वाला शख्स जरूर मिलेगा। हिम्मत मत हारिए, जिंदगी का साथ निभाइए।
प्यार में नाकामी के चलते उदासी, खालीपन, तनाव और आत्मविश्वास में कमी जैसी भावनाओं का सामना करना आसान नहीं है। पर डिप्रेशन और दुख में डूबकर जिंदगी को नकार बैठना भी कोई समझदारी नहीं है। अपने वर्तमान के लिए जागरूक बनें और बेहतर भविष्य के लिए खुद को तैयार करें। उन सारी चीजों और विचारों को अपने मन से बाहर करने की कोशिश करें, जो आपको बीते वक्त की याद दिलाते हैं। अगर आप ऎसा बीती यादों में सिमटे रहेंगे, तो कई मनोवैज्ञानिक और शारीरिक समस्याएं आपको घेर लेंगी। जिंदगी में और भी मंजिलें हैं, जिन्हें आप हासिल कर सकते हैं। प्यार में दिल टूट जाने पर नशे, अवसाद या सुसाइड का विचार भी मन में आए, इससे पहले सोचें कि दुनिया में आपसे प्यार करने वालों की कमी नहीं है।
आपके माता-पिता, दोस्त और भाई-बहन, कई लोग ऎसे हैं जो आपको बेइंतहा प्यार करते हैं। एक रिश्ते के टूट जाने से बाकी के रिश्ते खत्म नहीं हो जाते। कोई भी कदम उठाने से पहले विचार करें कि आपके बिना उनकी जिंदगी क्या हो जाएगी। दूर जाने की बजाय आप इनसे अपने दर्द को बांटें। ये वो लोग हैं, जिन्हें आप हर परिस्थिति में अपने साथ खडा पाएंगे। इनका साथ न केवल आपको जज्बाती तौर मजबूत बनाकर जीने का नया मकसद देता है, बल्कि पछतावे और गुस्से की भावनाओं को काबू करने में भी आपकी मदद करता है।
आमतौर पर देखने में आता है कि बे्रकअप के बाद ऎसे लोगों के  करीब रहना ज्यादा अच्छा लगता है, जो भावनात्मक रूप से हमें सहारा देते हैं। हमारे मन में दबे गुबार को सुनते हैं और सिंपैथी दिखाते हैं। ऎसे समय खयाल रखें कि आप हद से ज्यादा जज्बाती न बनें। टूटे दिल की पीडा हर किसी को सुनाकर अपनी जिंदगी को खुली किताब न बना दें। यह सच कि यह दौर आपके लिए तकलीफदेह है, पर नए रास्तों पर संभलना और अपने अनुभव से सबक लेना भी जरूरी है। आपका हद से ज्यादा इमोशनल होना कुछ लोगों के लिए फायदा उठाने का मौका बन सकता है। अपनी भावनाओं का मजाक नहीं बनने दें। ऎसा करने से आपके मन  में अपने आप के प्रति सम्मान का भाव आएगा और आप भटकाव से बच पाएंगे। जब तक आप पूरी तरह बीते वक्त से खुद को बाहर निकाल नहीं सकें, किसी नए रिश्ते की नींव न रखें वरना फिर धोखा खा सकते हैं। हमदर्द बनकर कुछ लोग फिर आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अपने आत्मविश्वास में कमी न आने दें। न तो खुद को अंधेरे कमरे में बंद करके रखें और न ही नशे की राह चुनें। खुद को वक्त दें। बीते समय में हुई गलतियों से सबक लेकर खुद से वादा करें कि इन्हें दोहराएंगे नहीं।
जिस प्यार को हासिल करने में आप नाकाम रहे, उसे बर्बाद करने, बदला लेने, और खुद को खत्म कर देने जैसे नकारात्मक विचारों को अपने मन में कतई जगह न दें। याद रहे कि ऎसा कुछ करने से आपको फायदा नहीं, बल्कि नुकसान ही होगा। अपने एक्स लवर को तकलीफ देने या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी तरह की गलत हरकत न करें। ऎसा कुछ करने से हालात सुधरेंगे नहीं, बल्कि और भी खराब हो जाएंगे।

10 comments:

  1. बहुत सुन्‍दर लेख

    आपके लिखने का तरीका और विषय दोनों ही अच्‍छे हैं ।


    ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी, हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
    http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पशंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के प्रसार में अपना योगदान दें ।
    धन्‍यवाद

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  2. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  3. जिस प्यार को हासिल करने में आप नाकाम रहे, उसे बर्बाद करने, बदला लेने, और खुद को खत्म कर देने जैसे नकारात्मक विचारों को अपने मन में कतई जगह न दें। याद रहे कि ऎसा कुछ करने से आपको फायदा नहीं, बल्कि नुकसान ही होगा। अपने एक्स लवर को तकलीफ देने या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी तरह की गलत हरकत न करें। ऎसा कुछ करने से हालात सुधरेंगे नहीं, बल्कि और भी खराब हो जाएंगे.
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    बहुत ही सही सोच. मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि आपके इस आलेख से सैकड़ों लोग लाभान्वित होंगे.
    आप सच में इस आलेख के लिये बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं. धन्यवाद.

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  4. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "हिन्दप्रभा" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  5. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "हिन्दप्रभा" (Hindprabha) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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  6. amit ji,
    blog jagat ka pura pari var aapka swgat karta hai. ha! ham sab ek parivaar ki hi tarah hai
    jahan par aap apne aapko bilkul akela nahi paayenge.
    aapka lekh bahut hi achcha laga ,kash! ise padhkar bhi kuchhlogo ko bhi ye baat samajh me aa jaaye to kitna achha rahta.
    poonam

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  7. अपने विचार इतने सरल तरीके से समझाने के लिए धन्यवाद . सच में जिसे भावुगता को हम अपनी ताकत समझतें है कई बार ये बहुत ही घातक होता है. ठीक कहा कि उस विरह कि पीड़ा से निकल पाना बहुत ही मुश्किल है. पर हमें थोडा अपने जसबतो पर काबू करना पड़ेंगा . आगे भी लिखते रहें .

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  8. इंटरनेट की दुनियाँ में आपका स्वागत है।

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  9. आपका जीवन परिचय प्रेरणादायी है।शुभकामनाएं।

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  10. इस सुंदर से नए चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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